आपने अर्थशास्त्र के बहुत सारे प्रश्न उत्तर पढ़े होंगे लेकिन यहा आपको जो मिलेगा वो सीधा board मोडल प्रश्न उत्तर मिलेगा .
अगर आप बिहार बोर्ड कक्षा 10 के तैयारी करते है तो ये लेख आपके के लिये बहुत मत्वपूर्ण है . इस लेख में मैंने आपको बताया है कक्षा 10 के सामाजिक विज्ञान (Social science)के अर्थशास्त्र(Economics) Ex-2. राज्य एवं राष्ट्र की आय ke बारे में .
इस लेख में जो प्रश्न उत्तर है सभी प्रश्न Board Modal है . अगर आप यह सभी प्रश्न को अच्छी तरह से पढ़ लेते है .तो आपको Board Exam में अच्छा Marks जरुर मिलेगा .
2. राज्य एवं राष्ट्र की आय
1. आय से आप क्या समझते हैं?
उत्तर- समाज का हर आदमी अपने परिश्रम से जो वस्तु या मुद्रा या संपत्ति अर्जित करता है, उसे आय कहा जाता है।
2. भारत में राष्ट्रीय आय की गणना किस संस्था द्वारा होती है?
उत्तर- देश के आय के मानक को निर्धारित करने वाली संस्था जिसे "डायरेक्टरेट आफ इकोनॉमिक्स एंड स्टैटिसटिक्स" कहते हैं।
3. सकल घरेलू उत्पाद से आप क्या समझते हैं?
उत्तर- किसी देश की सीमा के अंदर किसी भी दी गई समय अवधि अथवा किसी दिए हुए वर्ष में वस्तुओं और सेवाओं की जो कुछ मात्रा उत्पादित की जाती है, उसे सकल घरेलू उत्पाद कहा जाता है।
4. भारत में सर्वप्रथम राष्ट्रीय आय की गणना कब और किसके द्वारा की गई थी?
उत्तर- भारत में सबसे पहले सन 1868 में दादा भाई नौरोजी ने राष्ट्रीय आय की अनुमान लगाया था। जो प्रति व्यक्ति वार्षिक आय ₹20 बताए थे।
5. प्रति व्यक्ति आय क्या है?
उत्तर- किसी देश की राष्ट्रीय आय मे उस देश की कुल जनसंख्या से भाग देने पर जो भागफल आता है, उसे प्रति व्यक्ति आय कहते हैं।
6. राष्ट्रीय आय की गणना में होने वाली कठिनाइयों का वर्णन करें।
उत्तर- राष्ट्रीय आय के आधार पर ही विश्व के विभिन्न देशों को हम विकसित, विकासशील और अर्धविकसित राष्ट्रों की श्रेणी में गणना करते हैं । व्यवहारिक रूप से राष्ट्रीय आय की गणना करने में निम्नलिखित कठिनाई होती है-
·
- आंकड़ों को एकत्र करने में कठिनाई। ·
- दोहरी गणना की संभावना।
- मूल्य के मापने में कठिनाई।
7. राष्ट्रीय आय की परिभाषा दें। इसकी गणना की प्रमुख विधियां कौन-कौन सी है।
उत्तर- वर्ष भर में किसी देश में अर्जित आय की कुल मात्रा को राष्ट्रीय आय कहते हैं।
राष्ट्रीय आय को तीन प्रकार से गणना करते हैं:-
I) उत्पादन गणना विधि:- राष्ट्रीय आय की गणना अनेक प्रकार से की जाती है, क्योंकि राष्ट्र के व्यक्तियों की आय उत्पादन के माध्यम से अथवा मौद्रिक आय के माध्यम से प्राप्त होता है। इसलिए इसकी गणना जब उत्पादन के योग के द्वारा किया जाता है, तो उसे उत्पादन गणना विधि कहते हैं।
II) आय गणना विधि:- जब राष्ट्रों के व्यक्तियों की आय के आधार पर राष्ट्रीय आय की गणना की जाती है तो उस गणना विधि को आय गणना विधि कहते हैं।
III) व्यय गणना विधि:- आय द्वारा व्यक्ति अपने उपभोग के लिए व्यय करता है, इसलिए राष्ट्रीय आय की गणना लोगों केव्यय के माप से किया जाता है, राष्ट्रीय आय इस गणना को व्यय गणना विधि कहते हैं।
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