दूरदर्शन पर निबंध हिंदी | Doordarshan Essay In Hindi With PDF | Doordarshan Par Nibandh

 दूरदर्शन पर निबंध 

संकेत बिंदु

·        प्रस्तावना

·        दूरदर्शन का प्रभाव

·        दूरदर्शन से हानियाँ

·        दूरदर्शन का बढता उपयोग

·        दूरदर्शन के लाभ

·        उपसंहार

प्रस्तावना

 विज्ञानं ने मनुष्य को एक से बढ़कर एक अद्भुत उपकरण प्रदान किए हैं। इन्हीं अद्भुत उपकरणों में एक है दूरदर्शन। दूरदर्शन ऐसा अद्भुत उपकरण है जिसे कुछ समय पहले कल्पना की वस्तु समझा जाता था। यह आधुनिक युग में मनोरंजन के साथसाथ सूचनाओं की प्राप्ति का महत्त्वपूर्ण साधन भी है। पहले इसका प्रयोग महानगरों के संपन्न घरों तक सीमित था, परंतु वर्तमान में इसकी पहुँच शहर और गाँव के घर-घर तक हो गई है।

 

दरदर्शन का बढ़ता उपयोग

 दूरदर्शन मनोरंजन एवं ज्ञानवर्धन का उत्तम साधन है। आज यह हर घर की आवश्यकता बन गया है। उपग्रह संबंधी प्रसारण की सुविधा के कारण इस पर कार्यक्रमों की भरमार हो गई है। कभी मात्र दो चैनल तक सीमित रहने वाले दूरदर्शन पर आज अनेकानेक चैनल हो गए हैं। बस रिमोट कंट्रोल उठाकर अपना मनपसंद चैनल लगाने और रुचि के अनुसार कार्यक्रम देखने की देर रहती है। आज दूरदर्शन पर फ़िल्म, धारावाहिक, समाचार, गीत-संगीत, लोकगीत, लोकनृत्य, वार्ता, खेलों के प्रसारण, बाजार भाव, मौसम का हाल, विभिन्न शैक्षिक कार्यक्रम तथा हिंदी-अंग्रेजी के अलावा क्षेत्रीय भाषाओं में प्रसारण की सुविधा के कारण यह महिलाओं, युवाओं और हर आयुवर्ग के लोगों में लोकप्रिय है।

 

दरदर्शन का प्रभाव

अपनी उपयोगिता के कारण दूरदर्शन आज विलसिता की वस्तु न होकर एक आवश्यकता बन गया है। बच्चेबूढ़े, युवा-प्रौढ़ और महिलाएँ इसे समान रूप से पसंद करती हैं। इस पर प्रसारितरामायणऔर महाभारत जैसे कार्यक्रमों ने इसे जनमानस तक पहुँचा दिया। उस समय लोग इन कार्यक्रमों के प्रसारण के पूर्व ही अपना काम समाप्त या बंद कर इसके सामने आ बैठते थे। गाँवों और छोटे शहरों में सड़कें सुनसान हो जाती थीं। आज भी विभिन्न देशों का जब भारत के साथ क्रिकेट मैच होता है तो इसका असर जनमानस पर देखा जा सकता है। लोग सब कुछ भूलकर ही दूरदर्शन से चिपक जाते हैं और बच्चे पढ़ना भूल जाते हैं। आज भी महिलाएँ चाय बनाने जैसे छोटे-छोटे काम तभी निबटाती हैं जब धारावाहिक के बीच विज्ञापन आता है।

 

दरदर्शन के लाभ

 दूरदर्शन विविध क्षेत्रों में विविध रूपों में लाभदायक है। यह वर्तमान में सबसे सस्ता और सुलभ मनोरंजन का साधन है। इस पर मात्र बिजली और कुछ रुपये के मासिक खर्च पर मनचाहे कार्यक्रमों का आनंद उठाया जा सकता है। दूरदर्शन पर प्रसारित फ़िल्मों ने अब सिनेमा के टिकट की लाइन में लगने से मुक्ति दिला दी है। अब फ़िल्म हो या कोई प्रिय धारावाहिक, घर बैठे इनका सपरिवार आनंद लिया जा सकता है।

दूरदर्शन पर प्रसारित समाचार ताज़ी और विश्व के किसी कोने में घट रही घटनाओं के चित्रों के साथ प्रसारित की जाती है जिससे इनकी विश्वसनीयता और भी बढ़ जाती है। इनसे हम दुनिया का हाल जान पाते हैं तो दूसरी ओर कल्पनातीत स्थानों, प्राणियों, घाटियों, वादियों, पहाड़ की चोटियों जैसे दुर्गम स्थानों का दर्शन हमें रोमांचित कर जाता है। इस तरह जिन स्थानों को हम पर्यटन के माध्यम से साक्षात नहीं देख पाते हैं या जिन्हें देखने के लिए न हमारी जेब अनुमति देती है और न हमारे पास समय है, को साक्षात हमारी आँखों के सामने प्रस्तुत कर देते हैं।

दूरदर्शन के माध्यम से हमें विभिन्न प्रकार का शैक्षिक एवं व्यावसायिक ज्ञान होता है। इन पर एन०सी०ई०आर०टी० के विभिन्न कार्यक्रम रोचक ढंग से प्रस्तुत किए जाते हैं। इसके अलावा रोज़गार, व्यवसाय, खेती-बारी संबंधी विविध जानकारियाँ भी मिलती हैं।

दरदर्शन से हानियाँ दूरदर्शन लोगों के बीच इतना लोकप्रिय है कि लोग इसके कार्यक्रमों में खो जाते हैं। उन्हें समय का ध्यान नहीं रहता। कुछ समय बाद लोगों को आज का काम कल पर टालने की आदत पड़ जाती है। इससे लोग आलसी और निकम्मे हो जाते हैं। दूरदर्शन के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। इससे एक ओर बच्चों की दृष्टि प्रभावित हो रही है तो दूसरी और उनमें असमय मोटापा बढ़ रहा है जो अनेक रोगों का कारण बनता है।

दूरदर्शन पर प्रसारित कार्यक्रमों में हिंसा, मारकाट, लूट, घरेलू झगडे, अर्धनंगापन आदि के दृश्य किशोर और युवा मन को गुमराह करते हैं जिससे समाज में अवांछित गतिविधियाँ और अपराध बढ़ रहे हैं। इसके अलावा भारतीय संस्कृति और मानवीय मूल्यों की अवहेलना दर्शन के कार्यक्रमों का ही असर है।

 

उपसंहार

दूरदर्शन अत्यंत उपयोगी उपकरण है जो आज हर घर तक अपनी पैठ बना चुका है। इसका दूसरा पक्ष भले ही उतना उज्ज वल न हो पर इससे दूरदर्शन की उपयोगिता कम नहीं हो जाती। दूरदर्शन के कार्यक्रम कितनी देर देखना है, कब देखना है, कौन से कार्यक्रम देखने हैं यह हमारे बुद्धि विवेक पर निर्भर करता है। इसके लिए दूरदर्शन दोषी नहीं है। दूरदर्शन का प्रयोग सोच-समझकर करना चाहिए।

 

 

दूरदर्शन पर निबंध (800 शब्द )

प्रस्तावना:

 दूरदर्शन एक महत्वपूर्ण माध्यम है जो हमें टेलीविजन के माध्यम से विभिन्न प्रकार की जानकारी, मनोरंजन, और शिक्षा प्रदान करता है। इस निबंध में, हम दूरदर्शन के महत्व, इतिहास, और इसके प्रभाव पर चर्चा करेंगे।

दूरदर्शन का इतिहास:

दूरदर्शन का आदvent भारत में 1959 में हुआ था, जब पहला राष्ट्रीय टेलीविजन चैनल शुरू हुआ था। इसके बाद, विभिन्न राज्यों में राष्ट्रीय और स्थानीय दूरदर्शन केंद्र स्थापित किए गए और दूरदर्शन का संचालन किया जाने लगा।

दूरदर्शन के महत्व:

1.   शिक्षा: दूरदर्शन शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह शिक्षा संबंधित कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों को विभिन्न विषयों में ज्ञान प्राप्त करने का अवसर प्रदान करता है।

2.   समाचार और सूचना: दूरदर्शन एक महत्वपूर्ण स्रोत है जो हमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचार, ताजगी, और सूचना प्रदान करता है। यह हमें जागरूक रखने में मदद करता है।

3.   मनोरंजन: दूरदर्शन मनोरंजन के लिए भी महत्वपूर्ण है। यह विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों, फिल्मों, सीरियल्स, और खेल की जानकारी प्रदान करता है और हमारे जीवन को रंगीन बनाता है।

4.   सांस्कृतिक प्रचार: दूरदर्शन भारतीय सांस्कृतिक धरोहर को प्रमोट करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है। यह विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करता है और लोगों को भारतीय कला और संस्कृति के प्रति रुचि बढ़ाता है।

दूरदर्शन के प्रभाव:

1.   शिक्षा में सुधार: दूरदर्शन के माध्यम से शिक्षा में सुधार होता है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में।

2.   जागरूकता: यह लोगों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के बारे में जानकार बनाता है और समाज में जागरूकता फैलाता है।

3.   मनोबल और समृद्धि: दूरदर्शन के माध्यम से मनोरंजन का भी आदान-प्रदान होता है, जिससे लोगों का मनोबल और समृद्धि में सुधार होता है।

4.   विज्ञान और प्रौद्योगिकी: दूरदर्शन विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवाचारों की जानकारी प्रदान करता है और लोगों को नए विचारों के प्रति प्रोत्साहित करता है।

सारांश ;

दूरदर्शन एक महत्वपूर्ण माध्यम है जो हमें शिक्षा, सूचना, मनोरंजन, और सांस्कृतिक प्रचार का अवसर प्रदान करता है। यह हमारे समाज को सामृद्धि की ओर अग्रसर करता है और हमें विभिन्न क्षेत्रों में ज्ञान प्राप्त करने का अवसर प्रदान करता है। इसलिए, हमें इस माध्यम का सदैव मूल्यांकन करना चाहिए और इसका सही रूप से उपयोग करना चाहिए।